इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1डी की छत ढहने के हादसे के चार दिन बाद भी यात्रियों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। विमानों का न केवल टर्मिनल बदल दिया गया है, बल्कि समय और उड़ान संख्या भी बदलने से यात्रियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। हालांकि उनकी समस्या को ध्यान में रख एक वॉर रूम तैयार किया गया है, जहां से उड़ानों के संचालन और यात्रियों की आवागमन पर नजर रखी जा रही है।
खुद उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू इसका जायजा भी ले रहे है। रविवार आधी रात को उन्होंने औचक निरीक्षण भी किया और यात्रियों से जुड़ी सुविधाओं पर गहन चर्चा की। नायडू के एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वहां डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए), ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटीज (बीसीएएस) समेत एयरलाइंस के अधिकारी भी एयरपोर्ट पहुंचे। यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में वर्तमान परिस्थितियों की समीक्षा की गई।
इंडिगो एयर लाइंस के 21690 यात्री प्रभावित
इस हादसे की वजह से इंडिगो के कुल 21690 यात्री अभी तक प्रभावित हुए हैं। इनमें से 12194 यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। 9,431 यात्रियों ने अपना टिकट निरस्त कर दिया। इंडिगो की तरफ से बताया गया कि टर्मिनल-1 से 72 उड़ानें सूचीबद्ध थी। इनमें 71 विमानों को टर्मिनल-3 और टर्मिनल-2 पर स्थानांतरित किया गया है। टर्मिनल-1 से संचालित होने वाले स्पाइसजेट के विमान की बात करें तो कुल 925 यात्री प्रभावित हुए है। इनमें से 250 यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। 535 यात्रियों को अप्रत्यक्ष तरीके से रिफंड किया गया।
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