माले। चीन की गोद में झूल रहे मालदीव का राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू दस महीने बाद भारत के पाले में फिर खड़े हो गए हैं। इंडिया आउट अभियान चलाकर सत्ता में आए मुइज्जू ने अब खुद ही इससे दूरी बना ली है। उन्होंने कहा कि वह ऐसी किसी चीज की इजाजत नहीं देंगे, जो मालदीव सरकार की विदेश नीति के खिलाफ हो। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा कि लोगों ने उन्हें वोट दिया क्योंकि वे उनकी विदेश नीति में भरोसा करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि देश को शांति, विकास और सुरक्षा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार की विदेश नीति सभी देशों के साथ मिलकर काम करने की है और यहां अस्थिरता के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने अभी अपनी नीति, मालदीव सरकार की नीति बताई है। मैंने नीति को स्पष्ट कर दिया है। इस बीच इंडिया आउट आंदोलन के नेताओं में से एक पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने घोषणा की है कि अभियान जारी रहेगा, क्योंकि उन्हें यकीन नहीं है कि भारतीय सैन्यकर्मी पूरी तरह से मालदीव से चले गए हैं।
यामीन ने कहा है कि भारतीय सेना की मौजूदगी का मुद्दा हल नहीं हुआ है और वे इंडिया आउट अभियान जारी रखेंगे। उन्होंने सत्ता में आने के बाद इंडिया आउट प्रस्ताव रद्द नहीं करने के लिए मुइज्जू सरकार पर हमला बोला। मुइज्जू की विपक्षी पार्टी एमडीपी के अध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने कहा कि इंडिया आउट अभियान लोगों को धोखा देने के लिए बनाया गया। उन्होंने अभियान चलाने के लिए मुइज्जू सरकार से माफी की मांग की।
MJ News Latest & Breaking News Updates In Hindi