रायपुर: खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान संचालित धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए सुविधा, भरोसे और पारदर्शिता का मजबूत आधार बनकर सामने आई है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के अंतर्गत ग्राम कोचका की महिला किसान मानमति की कहानी इसी व्यवस्था की जमीनी सफलता को दर्शाती है, जिन्होंने कोड़ा उपार्जन केंद्र में 100.00 क्विंटल धान का सफल विक्रय कर यह साबित किया कि ऑफलाइन टोकन के माध्यम से भी खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह सुव्यवस्थित और प्रभावी है।
धान विक्रय हेतु किसान मानमति को ऑफलाइन खरीदी टोकन जारी किया गया था। निर्धारित तिथि पर उपार्जन केंद्र पहुँचने के बाद उन्हें किसी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ा। धान की गुणवत्ता जांच, डिजिटल तौल, रसीद जारी करने और भुगतान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न हुई, जिससे किसान को हर चरण में संतोष और विश्वास महसूस हुआ। मानमति ने बताया कि पूर्व वर्षों में धान बिक्री के दौरान असमंजस और विलंब की स्थिति बनी रहती थी, लेकिन इस वर्ष की सुव्यवस्थित खरीदी व्यवस्था ने उन्हें बड़ी राहत दी है। 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य से उन्हें उनकी मेहनत का सम्मानजनक मूल्य प्राप्त हुआ, जो कृषि कार्यों और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा।
कोड़ा उपार्जन केंद्र पर मानमति का आत्मविश्वास अन्य महिला किसानों के लिए प्रेरणा बना। अब ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी निर्भीक होकर उपार्जन केंद्रों तक पहुँच रही हैं और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ उठा रही हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका और अधिक सशक्त हो रही है। उपार्जन केंद्र पर पर्याप्त बारदाना, सटीक डिजिटल तौल मशीनें, स्वच्छ पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था और सहयोगी कर्मचारियों की उपस्थिति ने यह सुनिश्चित किया कि किसानों की सुविधा सर्वाेपरि रहे। इसी कारण जिले में धान खरीदी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।
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