बैलाडिला बुल्स ने 6-2 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की, पहले सेमीफाइनल में संस्कारधानी का मुकाबला न्यायधानी से…

बैलाडिला बुल्स ने 6-2 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की, पहले सेमीफाइनल में संस्कारधानी का मुकाबला न्यायधानी से…

रायपुर: बैलाडिला बुल्स के लिए अपने आखिरी लीग मैच में इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की जा सकती थी। आज की जीत ही उसे सेमीफाइनल में पहुंचा सकती थी। टीम ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए चक्रधर चैंपियंस को 6-2 से करारी शिकस्त देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।

बैलाडिला बुल्स ने 6-2 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की

इस परिणाम के साथ ही संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने भी टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। अब टॉप क्वालीफायर के रूप में न्यायधानी नाइट्स 31 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे संस्कारधानी का सामना करेगी, जबकि इसके बाद शाम 7:30 बजे बैलाडिला और मैनपाट के बीच दूसरा सेमीफाइनल होगा।

बैलाडिला बुल्स ने 6-2 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की

मैच शुरू होने से पहले चिंगलेनसाना सिंह की टीम के सामने ‘करो या मरो’ जैसी स्थिति थी, और उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके दिखाया। आनंद ने पहले ही मिनट में गोल करके अपनी टीम के इरादे साफ कर दिए। उन्होंने शुरुआती हमले में एक ‘रिवर्स फ्लिक’ लगाई, जो सीधे नेट में जाकर लगी। बुल्स ने गोल करने के लिए जबरदस्त जज्बा दिखाया, खासकर पहले मैच में मिली हार के बाद। पहले क्वार्टर का सबसे अहम पल वह था जब डलेश्वर यादव ने युवराज वाल्मीकि के खिलाफ एक ‘पेनल्टी स्ट्रोक’ को बचा लिया, जिसने चैंपियंस को गोल करने से रोक दिया।

वहीं बुल्स ने अपने मिले मौके को गोल में बदल दिया। जसकरण सिंह ने लीग में अपना 7वां गोल किया और टीम की बढ़त को 2-0 कर दिया। कुछ मिनट बाद उन्होंने एक पेनल्टी कॉर्नर के जरिए अपना तीसरा गोल दागा।

इस अहम मुकाबले में जसकरण यहीं नहीं रुके। उन्होंने तीसरे क्वार्टर में एक पेनल्टी कॉर्नर के जरिए अपना चौथा गोल किया। आनंद भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने चैंपियंस के कुछ डिफेंडरों को छकाते हुए एक और गोल कर दिया। इसके तुरंत बाद गोपाल ने पेनल्टी कॉर्नर रिबाउंड पर गोल किया, जिससे उनका गोल अंतर +2 हो गया और सेमीफाइनल में उनकी जगह पक्की हो गई।

चक्रधर के लिए यह बहुत निराशाजनक रहा। हालांकि एस.वी. सुनील ने अपनी टीम के लिए मौके बनाए, लेकिन फॉरवर्ड लाइन के बीच तालमेल की कमी दिखी। कप्तान ने सर्कल के अंदर कुछ बेहतरीन पास दिए, लेकिन गेंद को गोल में मोड़ने (डिफ्लेक्ट करने) के लिए वहां कोई मौजूद नहीं था। किसी तरह दूसरे क्वार्टर में खोगेश्वर बाग ने एक गोल कर दिया। आखिरी क्वार्टर के अंत में वाल्मीकि ने रिवर्स हिट से गोल किया, लेकिन यह उन्हें सेमीफाइनल तक पहुंचाने के लिए काफी नहीं था। असल में, इन दो गोलों के अलावा, ‘चैंपियंस’ टीम सर्कल के अंदर बहुत कम बार पहुंच पाई।

*संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने मैनपाट टाइटन्स को 4-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई*

शमशेर की टीम ‘संस्कारधानी स्ट्राइकर्स’ ने मजबूत ‘मैनपाट टाइटन्स’ के खिलाफ उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया और अपने आखिरी लीग मैच में उन्हें 4-0 से हरा दिया। हालांकि उनका सेमीफाइनल में पहुंचना काफी हद तक ‘बुल्स’ और ‘चक्रधर’ के बीच होने वाले मैच पर निर्भर था, लेकिन कुल मिलाकर उन्होंने अपना काम बखूबी कर दिया था।

आशीष तानी पूर्ति ने हैट्रिक लगाई, जिससे उनके कुल गोलों की संख्या 12 हो गई। इससे स्ट्राइकर्स का गोल अंतर +2 बना रहा, जिससे सेमीफाइनल में पहुंचने की उनकी संभावना और मजबूत हो गई। मैच के चारों क्वार्टर की बात करें तो संस्कारधानी ने शुरुआत में काफी संभलकर खेला, लेकिन उनका सामना टाइटन्स से था, जिनके पास टूर्नामेंट की सबसे बेहतरीन डिफेंस लाइन है। लीग के 14वें मैच के पहले तक उन्होंने केवल 7 गोल खाए थे।

बैलाडिला बुल्स ने 6-2 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की

लेकिन दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही आशीष ने एक जोरदार ड्रैग-फ्लिक के जरिए स्ट्राइकर्स के लिए गोल का खाता खोला, जिसे प्रदीप मोर भी नहीं रोक पाए। इसके बाद कुछ और मौके मिले, लेकिन उन्हें भुनाया नहीं जा सका और स्कोर स्ट्राइकर्स के पक्ष में 1-0 पर ही अटका रहा। आशीष ने एक बार फिर उसी अंदाज़ में गोल किया – इस बार तीसरे क्वार्टर में।

उन्होंने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपनी टीम की बढ़त और बढ़ा दी, और इस बार टाइटन्स के डिफेंस के पास कोई मौका नहीं था। खेल के बिल्कुल आखिरी पलों में स्ट्राइकर्स को एक फील्ड गोल भी मिला। शाहरुख ने पास दिया और ओम कुमार यादव ने गेंद को गोल पोस्ट के अंदर पहुँचा दिया।

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